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Tuesday, 21 October 2014

Accountant general: Odisha Plus II education poor


BHUBANESWAR: The accountant general (AG), Odisha, has pointed out in a draft audit that the standard of higher secondary education (Plus II) in Odisha is extremely poor.

"It was noticed during the audit that the quality of higher secondary education remained far below than that of CBSE and ICSE," the deputy AG (general and social sector audit) C Veeraraghavan wrote to the state government recently. Parameters such as course content prescribed by the Council of Higher Secondary Education (CHSE) vis-a-vis other boards, performance of CHSE students when compared to students of CBSE/ICSE in various examinations at the state and national level were taken into account while conducting the scrutiny. "The draft report is under finalization," the deputy AG wrote. It would be part of the CAG report on performance audit on "Functioning of Higher Education Department" for the year ended on March 2014.

To substantiate its preliminary findings, the AG has sought a report from the technical education department on the number of students who qualified JEE (advanced) and JEE (main) (the two-tier national level entrance for admission in technical institutions) and the number of students from the state who finally got admission into IITs and NITs. "The above information may please be furnished to this office on priority basis," Veeraraghavan asked of technical education secretary Chandra Sekhar Kumar.

Sunday, 19 October 2014

बेस्‍ट यूनिवर्सिटी सर्वेक्षण 2014: विरासत और भविष्य के संगम के साथ पहले नंबर पर दिल्ली विश्वविद्यालय


अमृता अरोड़ा संस्कृत अनुवाद के लेक्चर लेने के बाद तीसरे पहर में स्टैटिस्टिकल मैकैनिक्स और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक थ्योरी पढ़ती हैं. 19 वर्षीया अमृता की शिक्षा संबंधी दिनचर्या का अंत कर्नाटक संगीत के इतिहास के सेशन पर होता है. दिल्ली यूनिवर्सिटी में संस्कृत ऑनर्स की पहले वर्ष की इस छात्रा की तरह 1,70,000 छात्र-छात्राएं चार वर्ष के नए डिग्री कोर्स का फायदा ले रहे हैं.

पिछले साल शुरू किए गए इस प्रोग्राम पर विवाद भी रहा है और इसकी सराहना भी हुई है. कोर्स के ढांचे में बदलाव के बावजूद 94 साल पहले स्थापित यह विश्वविद्यालय आज भी देश में अव्वल है. बेहतरीन शिक्षा और छात्रों की देखभाल के प्रति इसकी निष्ठा इतनी लोकप्रिय है कि साइंस और टेक्नोलॉजी महकमे (डीएसटी) ने इस साल विश्वविद्यालय को 50 करोड़ रु. का अनुदान दिया है. देश में किसी संस्था को इससे पहले इतनी बड़ी रकम नहीं दी गई.

दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर दिनेश सिंह कहते हैं, ''पिछले साल विश्वविद्यालय में कई नई बातें जुड़ी हैं और कई उपलब्धियां हासिल हुई हैं. लेकिन हमारा मुख्य ध्यान छात्रों के लिए व्यावहारिक और खुद सीखने के मौके बढ़ाने पर है.” दिल्ली यूनिवर्सिटी ने इस दिशा में नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएसडीसी) के साथ विशेष समझौता किया है जिससे छात्रों को स्वास्थ्य, आइटी, वित्त और बैंकिंग क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलेगा.

इतना ही नहीं, विश्वविद्यालय के सभी 65 कॉलेजों में लघु और मझौले उद्योग मंत्रालय के साथ हुए समझौते के माध्यम से अपने प्रारंभिक कारोबार केंद्र स्थपित किए जाएंगे. ये केंद्र हर छात्र की कारोबारी योजना के लिए 12 लाख रु. बीज राशि के तौर पर मुहैया कराएंगे. विश्वविद्यालय ने दिल्ली में सरकारी एजेंसी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पाक्र्स ऑफ  इंडिया के साथ चिप डिजाइन यूनिट लगाने के लिए 26 करोड़ रु. के समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं.

वे यह भी बताते हैं कि ''चिप बनाने की नई यूनिट न सिर्फ छात्रों को एक प्रमुख कौशल देगी बल्कि देश में चिप का आयात कम करने में भी मदद मिलेगी. दूसरी ओर वोकेशनल ट्रेनिंग, आन्ट्रेप्रेन्योर मेंटरिंग और विभिन्न विषयों के बीच संपर्क से छात्रों में रोजगार मांगने की बजाए रोजगार देने की क्षमता पिरोने में मदद मिलेगी. हमने कई ऐसे नए कोर्स भी शुरू किए हैं जिनकी जॉब मार्केट में मांग बढ़ रही है. इनमें फॉरेंसिक्स में बीटेक शामिल है.”

दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के अलावा दूसरी गतिविधियों पर भी जोर दिया जाता है. लड़कियों की फुटबॉल टीम लगातार दूसरे साल न्यूजीलैंड की लिंकन यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग लेने गई है जबकि लड़कों की हॉकी टीम विशेष कोचिंग के लिए एडिनबरा यूनिवर्सिटी गई थी. बकौल दिनेश सिंह, ''विदेश के विश्वविद्यालयों के साथ हमारा सहयोग भी बढ़ रहा है.

इंडिया टुडे-नीसलन बेस्ट यूनिवर्सिटी सर्वेक्षण 2014: तीसरे नंबर पर बीएचयू


अधिकतर लोगों के लिए विश्वविद्यालय में अकादमिक करियर किशोर उम्र के आक्रोश के अंत, बिंदास दिनों की खट्टी-मीठी विदाई और अपने जोश की सीमाओं के भीतर बौद्धिक क्षमता के विकास के दौर की शुरुआत की तरह होता है.

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) अपने संस्थापक पंडित मदनमोहन मालवीय की बेहतरीन सोच को साकार करने के लिए आज भी अपने छात्रों को बहुत कुछ मुहैया कराती है. प्राचीन नगरी वाराणसी के बीचोबीच 1,360 एकड़ में फैला कैंपस शिक्षा का ऐसा द्वीप है जहां साल दर साल राष्ट्र निर्माताओं की पीढिय़ां तैयार हुई हैं.

एशिया के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालय बीएचयू की स्थापना 1916 में विशिष्ट बौद्धिक शिक्षा केंद्र के रूप में की गई थी और यह अनुभवों का विस्तार देने वाली ज्ञान परंपरा का पर्याय बन गया. इंटरडिसिप्लिनरी और नए रिसर्च वर्क के लिए मशहूर इस संस्थान को इस साल इंडिया टुडे-नीलसन के बेस्ट यूनिवर्सिटी सर्वेक्षण में देश में तीसरे स्थान पर आंका गया है.

क्या कहते हैं वाइस-चांसलर लालजी सिंह.....


“जूलॉजी का छात्र होने की वजह से मैं कैंपस में पेड़-पौधों की विविधता को देखकर चकित रह गया था”
बीएचयू के साथ मेरा अनोखा रिश्ता तभी से शुरू हुआ जब मैंने जूलॉजी के छात्र के तौर पर यहां दाखिला लिया. मैं परिसर में पेड़-पौधों की विविधता को देखकर चकित था. अब मैं छात्र नहीं रहा लेकिन आज भी कैंपस की व्यापकता पर मैं मंत्रमुग्ध हूं जो हर रोज मानो एक नया रूप लेकर सामने आती है.
मैं यहां के 35,000 से ज्यादा छात्रों से हमेशा कहता हूं कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है. मैं युवाओं की अकूत ऊर्जा से प्रभावित हुए बिना नहीं रहता. इसे सकारात्मक दिशा में लगाने और मौकों को हासिल करने के लिए उन्हें खास प्रशिक्षण की जरूरत है. इसीलिए चौबीसों घंटे साइबर लाइब्रेरी खुली होती है और रात 10 बजे के बाद छात्राओं को घर छोडऩे की व्यवस्था की गई है.
इन छोटे-छोटे कदमों का मिला-जुला असर प्रतिबद्ध छात्रों को आगे बढऩे में मददगार होगा. हर रोज मुझे इसलिए भी अतिरिक्त संतोष मिलता है कि मेरे काम के सकारात्मक नतीजे मुझे मिल रहे हैं. हाल में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से फोन आया कि वहां की छात्र यूनिट ने बीएचयू को नए ढंग से शिक्षण और विभिन्न कोर्सेज की पढ़ाई के मामले में दुनिया भर में टॉप भारतीय विश्वविद्यालय माना है.

बेस्‍ट यूनिवर्सिटी सर्वेक्षण 2014: छठे नंबर पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी




यूनिवर्सिटी का नाम: अगलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी

यूनिवर्सिटी का विवरण: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी भारत की प्रमुख और केन्द्रीय यूनिवर्सिटी में से एक है. यह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित है. सन 1875 में सर सैयद अहमद खान ने इसकी स्थापना एक विद्यालय के रूप में की थी और फिर यह मुस्लिम एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज बना. बाद में सन 1920 में भारतीय संसद के एक अधिनियम के तेहत इसे केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ. इसका निर्माण दुनिया की प्रख्यात कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की तर्ज पर किया गया था. ब्रिटिश राज के समय का यह पहला उच्च शिक्षण संसथान था. यह मूलतः मुस्लिम एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज था इसलिए इस कॉलेज से कई प्रमुख मुस्लिम लेखकों, कवियों और नेताओं ने स्नातक की उपाधि प्राप्त की है.

वर्तमान में यहां स्‍टूडेंट्स को 250 से भी अधिक पाठ्यक्रम पढ़ाए जाते है. 1,155 एकड़ में फैली इस यूनिवर्सिटी के कैंपस में देश ही नहीं दुनिया के कई देशों से स्‍टूडेंट पढ़ने के लिए आते हैं. सार्क और राष्ट्रमंडल देशों के छात्रों के लिए भी यहां अलग से सीटें आरक्षित की जाती हैं. इंडिया टुडे-नीलसन भारत की बेस्‍ट यूनिव‍र्सिटी सर्वे 2014 की लिस्‍ट में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को छठां स्‍थान दिया गया है.

पता: अलीगढ़ मुस्लिम यूनवर्सिटी, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
फोन: 0571 270 0935
वेबसाइट: www.amu.ac.in

बेस्ट यूनिवर्सिटी सर्वेक्षण 2014: सातवें नंबर पर उस्मानिया यूनिवर्सिटी


यूनिवर्सिटी का नाम: उस्मानिया यूनिवर्सिटी

यूनिवर्सिटी का विवरण: उस्मानिया यूनिवर्सिटी सन 1918 में स्थापित हुई थी. यह यूनिवर्सिटी देश की सातवीं सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी है. इसे दक्षिण भारत की तीसरी और हैदराबाद की पहली सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त है. 500 हेक्‍टेयर कैंपस में फैली इस यूनिवर्सिटी ने नौ दशकों से उच्च शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इंडिया टुडे-नीलसन भारत की बेस्‍ट यूनिवर्सिटी सर्वे 2014 की लिस्‍ट में उस्मानिया यूनिवर्सिटी को सातवां स्‍थान दिया गया है.

पता: एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग, उस्मानिया यूनिवर्सिटी कैंपस, हैदराबाद-5005007 तेलंगाना  
फोन: 40-27682363
फैक्स: 40-27090020
ई-मेल: registrar@osmania.ac.in
वेबसाइट: www.osmania.ac.in

बेस्ट यूनिवर्सिटी सर्वेक्षण 2014: आठवें नंबर पर जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी


यूनिवर्सिटी का नाम: जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्‍ली

यूनिवर्सिटी का विवरण: देश की राजधानी दिल्‍ली स्थिति जामिया मिलिया इस्‍लामिया एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है. ब्रिटिश शासन के दौरान इसकी स्‍थापना साल 1920 में अलीगढ़ में की गई थी. बाद में सन 1988 में भारतीय संसद के अधिनियम के तेहत इसे केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ. उर्दू भाषा में जामिया का मतलब यूनिवर्सिटी से है और मिलिया का मतलब राष्ट्रीय से है. सन 1925 में महात्‍मा गांधी के सहयोग से यह यूनिवर्सिटी अलीगढ़ से दिल्ली के करोलबाग शिफ्ट कर दी गई. वर्तमान में यह दिल्‍ली के जामिया नगर में स्थित है. इंडिया टुडे-नीलसन भारत की बेस्‍ट यूनिव‍र्सिटी सर्वे 2014 की लिस्‍ट में जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी को आठवां स्‍थान दिया गया है.

पता: जामिया नगर, नई दिल्ली-110025     
फोन:  011- 26981717, 26984617, 26984658, 26988044, 26987183 
फैक्स:  011- 2698 0229
वेबसाइट: www.jmi.ac.in

बेस्ट यूनिवर्सिटी सर्वेक्षण 2014: नौवें नंबर पर मैसूर यूनिवर्सिटी


यूनिवर्सिटी का नाम: मैसूर  यूनिवर्सिटी

यूनिवर्सिटी का विवरण: मैसूर  यूनिवर्सिटी सन 1916  में शुरू  हुई थी. इसे उस समय के मैसूर के महाराजा कृष्णराजा ने स्थापित किया था. यह यूनिवर्सिटी देश की छठीं और कर्नाटक की  सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी है. इस यूनिवर्सिटी से 122  कॉलेज एफिलेटेड हैं. सन  2013 में NAAC ने यूनिवर्सिटी को ग्रेड A दिया है. इसके शैक्षिक स्टाफ को भारत के टॉप 5  शैक्षिक स्टाफ में रैंक प्राप्त हुआ है.  सन 1965 में महाराजा कॉलेज के कैंपस में इस यूनिवर्सिटी का इवनिंग कॉलेज भी स्थापित हुआ.

इंडिया टुडे-नीलसन भारत की बेस्‍ट यूनिवर्सिटी सर्वे 2014 की लिस्‍ट में मैसूर  यूनिवर्सिटी को नौवां स्‍थान दिया गया है.

पता: मैसूर  यूनिवर्सिटी, कर्नाटक- 570005

फोन: 0821-2419450, 0821 -2419208
ई-मेल: registrar@uni-mysore.ac.in
वेबसाइट: www.uni-mysore.ac.in