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Tuesday, 21 October 2014

सुझाव : दीक्षांत समारोह में पैंट-शर्ट और जैकेट पहनें छात्र


भोपाल प्रदेश : के सभी विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में छात्रों को गाउन की जगह पैंट-शर्ट तथा जैकेट पहनना चाहिए। छात्राओं के लिए यह ड्रेस कोड सलवार-कुर्ती सहित जैकेट हो। हालांकि समारोह में शामिल अतिथियों के गाउन पहनने की व्यवस्था में कोई बदलाव किया जाए। समारोह का कार्यक्रम मिनट-टु-मिनट तय हो, ताकि सभी छात्र-छात्राओं को कुलाधिपति के हाथों से डिग्री दिलाई जा सके।

व्यवस्था में बदलाव :
यह सुझाव बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी (बीयू) की एक कमेटी ने दिए हैं। मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के डीन प्रो. पीके मिश्रा की अध्यक्षता वाली इस सात सदस्यीय कमेटी की सोमवार को बैठक हुई। इन सुझावों पर बीयू सहित देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी, इंदौर और जीवाजी यूनिवर्सिटी, ग्वालियर के कुलपति मंगलवार को राजधानी में विचार करेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने इन तीन कुलपतियों को दीक्षांत समारोह की पोशाक बदलने के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी है।

उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता पिछले महीने भोज यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने दीक्षांत समारोह के गाउन एवं अन्य व्यवस्थाओं पर नाखुशी जताई थी। इस पर उच्च शिक्षा विभाग ने तीन कुलपतियों की समिति का गठन किया है।

कमेटी ने यह भी दिए सुझाव :
समिति के अनुसार दीक्षांत समारोह में यूजी, पीजी और पीएचडी छात्रों की जैकेट का रंग अलग-अलग रखा जाए। ताकि उनकी पहचान आसानी हो सके।

पहले हो चुका है विरोध :
वर्ष 2010 में तत्कालीन केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने आईआईएफएम, भोपाल के दीक्षांत समारोह में दीक्षांत गाउन को उतारकर उसे बर्बर संस्कृति का प्रतीक बताया था। इस घटना के बाद से ही देश भर में दीक्षांत समारोह की पोशाक को लेकर बहस शुरू हो गई थी।